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जमुना-कोतमा ओपन कास्ट विस्तार को लेकर पर्यावरण जनसुनवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और मीडिया कर्मियों ने रखे सवाल व समस्याएं, एसईसीएल प्रबंधन ने दिया समाधान का भरोसा 4 से बढ़कर 6 मिलियन टन वार्षिक कोयला उत्पादन क्षमता विस्तार को लेकर हुई सुनवाई





जमुना-कोतमा क्षेत्र एसईसीएल की खुली खदान विस्तार परियोजना के संबंध में पर्यावरण स्वीकृति को लेकर बुधवार को ग्राम निमहा, तहसील कोतमा में पर्यावरण लोक जनसुनवाई का आयोजन किया गया। जनसुनवाई शांतिपूर्ण एवं सहर्ष वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिला-पुरुष, जनप्रतिनिधि एवं मीडिया कर्मी उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने खदान विस्तार से जुड़े पर्यावरण, प्रदूषण, सड़क, स्वास्थ्य, रोजगार, पानी, शिक्षा, ब्लास्टिंग एवं सीएसआर सहित विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात प्रमुखता से रखी।


परियोजना के तहत कोयला उत्पादन क्षमता को वर्तमान 4 मिलियन टन प्रतिवर्ष से बढ़ाकर 6 मिलियन टन प्रतिवर्ष किए जाने के संबंध में पर्यावरण स्वीकृति प्राप्त करने के उद्देश्य से यह जनसुनवाई आयोजित की गई थी


जनसुनवाई में एडीएम/डिप्टी कलेक्टर अनूपपुर बलवीर रमन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड शहडोल के रीजनल ऑफिसर डॉ. अशोक तिवारी सहित एसईसीएल प्रबंधन की ओर से महाप्रबंधक प्रभाकर राम त्रिपाठी, सीएसआर से जुड़े अधिकारी डॉ. सतीश एवं पर्यावरण विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे


ग्रामीणों ने खुलकर रखी अपनी बात


जनसुनवाई के दौरान निमहा की सरपंच जामुनी बाई, समाजसेवी अशोक त्रिपाठी कोतमा, अधिवक्ता अनिल शर्मा, रामवतन चंद्र मझौली, अमित त्रिपाठी उपसरपंच खोड़री नंबर-2, राकेश सिंह, राजेश सिंह, ज्योति, समयलाल, भारत राय सहित अनेक ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने अपनी समस्याएं और सुझाव अधिकारियों के समक्ष रखे


ग्रामीणों ने भारी वाहनों से सड़कों की खराब स्थिति, धूल एवं प्रदूषण, ब्लास्टिंग से मकानों में दरार, स्थानीय युवाओं को रोजगार, पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधाओं, तालाब निर्माण, वृक्षारोपण, स्कूल-आंगनबाड़ी, स्ट्रीट लाइट एवं प्रभावित गांवों की मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दे उठाए


रेल लाइन से कोयला परिवहन पर जोर


ग्रामीणों की ओर से भारी वाहनों के आवागमन से सड़क खराब होने का मुद्दा उठाए जाने पर एसईसीएल महाप्रबंधक प्रभाकर राम त्रिपाठी ने बताया कि भारी वाहनों के दबाव को कम करने के लिए रेल लाइन के माध्यम से कोयला परिवहन की व्यवस्था पर काम किया जा रहा है इसके लिए टेंडर पहले ही किया जा चुका है तथा कार्य पूर्ण करने की निर्धारित समय-सीमा वर्ष 2028 बताई गई


उन्होंने कहा कि सड़क, ब्लास्टिंग, रोजगार और अन्य जनहित से जुड़े मुद्दों पर प्रबंधन गंभीरता से कार्य कर रहा है


25 लोगों के रोजगार प्रस्ताव को बोर्ड की मंजूरी


जमीन के बदले रोजगार के सवाल पर महाप्रबंधक ने बताया कि इस दिशा में प्रबंधन आगे बढ़ रहा है उन्होंने जानकारी दी कि एस ई सीएल बोर्ड द्वारा दो दिन पूर्व ही 25 लोगों के रोजगार को स्वीकृति प्रदान की गई है


स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर उन्होंने कहा कि स्कूल के समय भारी वाहनों के आवागमन को रोकने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि बच्चों को किसी प्रकार का खतरा न हो


विकास केवल कोयला उत्पादन तक सीमित नहीं : प्रभाकर त्रिपाठी


मझौली के रामवतन चंद्र के सवाल के जवाब में महाप्रबंधक प्रभाकर राम त्रिपाठी ने कहा कि क्षेत्र का विकास प्रबंधन की पहली प्राथमिकता है, केवल कोयला उत्पादन करना नहीं। उन्होंने क्षेत्रवासियों द्वारा खदान संचालन में लगातार दिए जा रहे सहयोग के लिए भी आभार व्यक्त किया


वृक्षों की कटाई और पर्यावरण संरक्षण के सवाल पर उन्होंने कहा कि खनन के दौरान पेड़ काटे गए हैं, लेकिन इसके साथ बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण भी किया गया है उन्होंने कहा कि लगाए गए लाखों पौधों का रिकॉर्ड पुस्तकों में दर्ज होने के साथ-साथ स्थल पर जाकर उनका निरीक्षण भी किया जा सकता है


स्वास्थ्य और प्रदूषण को लेकर प्रबंधन ने दिया भरोसा


ग्रामीणों ने धूल प्रदूषण और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को लेकर भी चिंता जताई प्रबंधन ने बताया कि सड़कों पर धूल नियंत्रण के लिए स्प्रिंकलर मशीन लगातार संचालित की जा रही है, जिसे 24 घंटे देखा जा सकता है


स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के निराकरण के लिए मेडिकल कैंप आयोजित करने तथा जरूरत पड़ने पर रेफरल सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही गई। आमाडांड में संचालित 50 बिस्तर के अस्पताल को 75 बिस्तर तक विस्तारित करने का प्रावधान भी बताया गया


प्रबंधन ने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति को धूल या अन्य कारणों से अंधापन, बहरापन अथवा अन्य स्वास्थ्य समस्या की शिकायत है तो उसकी समीक्षा कर आवश्यक निराकरण किया जाएगा


पानी की समस्या दूर करने सोलर पंप लगाने की तैयारी


निमहा सहित प्रभावित गांवों में पेयजल समस्या को लेकर भी सवाल उठे। प्रबंधन की ओर से बताया गया कि प्रभावित सात-आठ गांवों में सोलर पंप लगाकर पानी की समस्या दूर करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए संचालित कंपनियों में अवसर देने तथा सरकारी योजनाओं के माध्यम से प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ने की बात भी कही गई


ब्लास्टिंग और मकानों में दरार के मुद्दे पर दिया जवाब


खोड़री नंबर-2 सहित अन्य क्षेत्रों के ग्रामीणों ने ब्लास्टिंग से घरों में दरार आने की समस्या उठाई प्रबंधन ने कहा कि खदान में होने वाली ब्लास्टिंग डीजीएमएस के निर्धारित नियमों के अनुसार की जाती है। भविष्य में भी ब्लास्टिंग इस प्रकार किए जाने का आश्वासन दिया गया कि आसपास के लोगों को असुविधा न हो। धूल प्रदूषण को कम करने तथा व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण जारी रखने की बात भी कही गई


सुरक्षा क्षेत्र में डंपिंग यार्ड के नीचे दीवार बनाने की मांग पर प्रबंधन ने इसे तत्काल पूरा करने का भरोसा दिया। वहीं सड़क पर सोलर लाइट लगाने का प्रस्ताव भी बताया गया


स्कूल और आंगनबाड़ी के लिए राज्य सरकार से समन्वय


स्कूल एवं आंगनबाड़ी से जुड़े मुद्दों पर बताया गया कि इस संबंध में कलेक्टर से चर्चा हो चुकी है तथा राशि का विभाजन किया जा चुका है। राज्य सरकार के साथ समन्वय कर जल्द आवश्यक कार्रवाई किए जाने की बात कही गई


सीएसआर के तहत किए जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए प्रबंधन ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न गतिविधियां संचालित हैं। महिलाओं को सिलाई प्रशिक्षण देकर सिलाई मशीनों का वितरण भी किया गया है।


बंद खदानों में फ्लाई ऐश भरकर किया जा रहा पुनर्वास


राजेश सिंह के सवाल के जवाब में प्रबंधन ने बताया कि बंद पड़ी खदानों में पावर प्लांट से फ्लाई ऐश लाकर भरने का कार्य किया जा रहा है इसके ऊपर मिट्टी डालकर पौधारोपण के माध्यम से क्षेत्र को पुनः हरित करने की दिशा में काम किया जा रहा है


तालाब निर्माण और अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर भी प्रबंधन ने कहा कि कई कार्य पहले से टेकअप हैं तथा आगे भी आवश्यकतानुसार कार्य किए जाएंगे


प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सुझाई निगरानी समिति


प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड शहडोल के रीजनल ऑफिसर डॉ. अशोक तिवारी ने कहा कि जनसुनवाई में ग्रामीणों ने स्वास्थ्य, सड़क, मूलभूत सुविधाओं और पर्यावरण से संबंधित महत्वपूर्ण बातें रखी हैं उन्होंने एसईसीएल अधिकारियों से आग्रह किया कि जनसुनवाई के दौरान सामने आए सभी बिंदुओं को रिकॉर्ड में सम्मिलित किया जाए


उन्होंने सुझाव दिया कि कालरी के तीन जिम्मेदार अधिकारियों और कम से कम 10 जनप्रतिनिधियों की एक समिति गठित की जाए। इस समिति की मासिक समन्वय बैठक जीएम कार्यालय में आयोजित हो, जहां ग्रामीण अपनी समस्याएं सीधे रख सकें और उनके निराकरण की नियमित समीक्षा हो


जनता की भावनाओं को शासन तक पहुंचाना ही जनसुनवाई का उद्देश्य : बालवीर रमन


डिप्टी कलेक्टर बालवीर रमन ने कहा कि जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी बात रखी है ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दों और भावनाओं को शासन तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोक जनसुनवाई का मूल उद्देश्य ही जनता की भावनाओं और समस्याओं को शासन के समक्ष पहुंचाना है


कुल मिलाकर जमुना-कोतमा क्षेत्र की पर्यावरण लोक जनसुनवाई शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं सफल वातावरण में संपन्न हुई, जिसमें ग्रामीणों को अपनी बात रखने का अवसर मिला और एसईसीएल प्रबंधन ने विभिन्न समस्याओं के समाधान तथा क्षेत्र के विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण आश्वासन दिए

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