अनूपपुर
*कोतमा में 'हवाला' का काला खेल! गरीब सब्जी वाले को मोहरा बना डकारे लाखों, फर्जी पुलिस रेड का ड्रामा रचकर गायब की रकम*
संस्कार गौतम अनूपपुर
कोतमा: कोयलांचल और सीमावर्ती इलाकों में इन दिनों एक ऐसा शातिर जाल बिछाया गया है, जिसकी परतें उधड़ेंगी तो कई सफेदपोश बेनकाब होंगे। अनूपपुर में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है जहाँ नयूम खान नामक शख्स ने एक सीधे-साधे गरीब सब्जी व्यापारी (पनिका) को अपनी चिकनी-चुपड़ी बातों में फंसाकर न सिर्फ उसे मोहरा बनाया, बल्कि करीब 9 से 10 लाख रुपये की 'हवाला' राशि हड़प ली।
*साजिश का 'मास्टरप्लान': छत्तीसगढ़ से जुडे़ तार*
सूत्रों के मुताबिक, नयूम खान ने वन विभाग के कर्मचारी का लेबर पेमेंट ट्रांसफर कराने का झांसा देकर छत्तीसगढ़ से भारी भरकम रकम मंगवाई। यह पैसा उसने खुद के, अपनी मां और रिश्तेदारों के बैंक खातों में डलवाया। इस पूरे खेल में उसने गरीब सब्जी व्यापारी को ढाल के तौर पर इस्तेमाल किया।
फिल्मी अंदाज में रची गई 'फर्जी पुलिस रेड' की कहानी
हैरतअंगेज मोड़ तब आया जब बैंक से पैसे निकलवाने के बाद नयूम खान, पीड़ित सब्जी व्यापारी को लेकर गोविंदा गणेश नगर पहुंचा। वहां पैसों की गिनती चल ही रही थी कि अचानक एक लड़के ने 'पुलिस आ गई, पुलिस आ गई' का शोर मचा दिया। अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर नयूम ने व्यापारी को डरा दिया कि पुलिस पकड़ लेगी। उसने पैसे वहीं छुपाने का नाटक किया और पीड़ित को घर के पीछे के रास्ते से भगा दिया।
*पैसे मांगने पर मिली धमकी: "दोबारा आए तो भिजवा दूंगा जेल"*
जब दो दिन बाद मासूम सब्जी व्यापारी अपनी मेहनत और भरोसे की रकम मांगने नयूम के पास पहुंचा, तो उसे यह कहकर टरका दिया गया कि "पैसे तो पुलिस ले गई।" हद तो तब हो गई जब चौथे दिन नयूम ने पासा ही पलट दिया और पीड़ित पर ही पैसे ले जाने का आरोप मढ़ दिया। शातिर नयूम ने अब पीड़ित को ही पुलिस और मुकदमे की धमकी देकर मुंह बंद रखने को कहा है।
*अनूपपुर पुलिस कप्तान से आस: क्या है इस रकम का असली मकसद?*
यह मामला महज एक धोखाधड़ी नहीं, बल्कि एक गहरे हवाला नेटवर्क की ओर इशारा कर रहा है। सवाल यह है कि:
छत्तीसगढ़ से आने वाली इस बेनामी रकम का असली स्रोत क्या है?
क्या इस पैसे का इस्तेमाल किसी बड़ी अप्रिय घटना या साजिश को अंजाम देने के लिए किया जाना था?
*नयूम खान के पीछे और कौन से बड़े चेहरे छिपे हैं?*
बड़ा सवाल: आखिर कब तक गरीब और असहाय लोग इन शातिर गिरोहों का शिकार होते रहेंगे? जिले के जागरूक नागरिकों ने पुलिस अधीक्षक (SP) अनूपपुर से मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की जाए, नयूम खान के कॉल रिकॉर्ड्स और बैंक ट्रांजेक्शन खंगाले जाएं, ताकि इस 'हवाला कांड' के असली आकाओं को सलाखों के पीछे भेजा जा सके।
थाना प्रभारी
शिकायत मिली है, जांच जारी है।


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