इस प्रतिष्ठित दंगल प्रतियोगिता में राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली तथा नेपाल से आए 7 महिला और 18 पुरुष, कुल 25 राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के पहलवानों ने भाग लिया। प्रत्येक मुकाबले में पहलवानों ने बेहतरीन तकनीक, फुर्ती और दमखम का परिचय दिया। कई मुकाबले इतने रोमांचक रहे कि अंतिम क्षण तक जीत-हार का फैसला नहीं हो पाया और निर्णायक दांव लगते ही पूरा अखाड़ा तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
दंगल प्रतियोगिता को देखने के लिए
पहुंचे अतिथियों को नपा अध्यक्ष राम अवध सिंह,और मंडल अध्यक्ष धीरेन्द्र सिंह के शाल श्री फल से स्वागत किया गया जिनमें प्रमुख रूप से SECL जमुना कोतमा क्षेत्र के महाप्रबंधक प्रभाकर राम त्रिपाठी, फाइनेंस मैनेजर जे दत्ता,नगर परिषद डूमर कछार के डॉ अध्यक्ष सुनील चौरसिया,भाजपा जिला मीडिया प्रभारी राजेश सिंह,सांसद प्रतिनिधि मनोज सिंह,
मंडल अध्यक्ष कोतमा पुष्पेंद्र जैन, मंडल अध्यक्ष अनूपपुर ब्रजेश चतुर्वेदी, मंडल अध्यक्ष पसान धीरेन्द्र सिंह,लाल बहादुर जायसवाल,सरपंच शिवभान सिंह,भाजपा नेता शिव रतन वर्मा,सुखविंदर सिंह,सचिन जायसवाल, विकास जायसवाल,रोशन वारसी,सरताज मियां,मीनू तिवारी क्षेत्र के पत्रकार संतोष चौरसिया, दिवाकर विश्वकर्मा, भगवान दास मिश्रा,शैलेन्द्र विश्वकर्मा,राम भुवन गौतम,दीपेश जैन,मदन चौधरी सहित जमुना, कोतमा, बिजुरी, अनूपपुर के आसपास के क्षेत्रों से हजारों खेल प्रेमी पहुंचे। महिलाओं, युवाओं और बच्चों की भारी भीड़ ने पूरे उत्साह के साथ मुकाबलों का आनंद लिया। आयोजन स्थल पर पूरे समय मेले जैसा माहौल बना रहा। सफल मंच संचालन राजा सिंह के द्वारा किया गया।
नगर पालिका अध्यक्ष राम अवध सिंह ने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन भारतीय पारंपरिक खेलों को नई पहचान देने के साथ-साथ युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करते हैं। उन्होंने सभी पहलवानों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की प्रशंसा की और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
मंडल अध्यक्ष धीरेन्द्र ने बताया कि प्रतियोगिता का उद्देश्य पारंपरिक कुश्ती को बढ़ावा देना तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के पहलवानों को एक मंच प्रदान करना है। प्रतियोगिता के सफल आयोजन में समिति के सदस्यों, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और क्षेत्रवासियों का सराहनीय सहयोग रहा।
समापन अवसर पर विजेता एवं उपविजेता पहलवानों को सम्मानित किया गया। दो दिवसीय इस भव्य दंगल ने खेल प्रेमियों के दिलों में अपनी अलग छाप छोड़ी। विशेष रूप से महिला पहलवानों के शानदार प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया कि आज वे किसी भी चुनौती का सामना करने में पूरी तरह सक्षम हैं। पूरे आयोजन के दौरान खेल भावना, अनुशासन और रोमांच का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिससे जमुना का यह दंगल लंबे समय तक लोगों की यादों में बना रहेगा।




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