फुनगा-3 अप्रैल
इस विपदा की घड़ी में सबसे कठिन समय उन गरीबों मजदूरों किसानों का है जो रोजाना अपना पसीना बहा कर अपने बच्चों परिवार का पालन करते हैं।
ऐसे में विगत 22 मार्च से देशभर में लॉक डाउन होने से सबसे ज्यादा मुसीबत में यही गरीब वर्ग है हालांकि इनकी पूरी जिम्मेदारी शासन प्रशासन पूरा करने का हर संभव प्रयास कर रही है वहीं आमजन सहित विभिन्न संस्थाएं धार्मिक संस्थाएं मंदिर मस्जिद गुरुद्वारे भी लोगों की मदद के लिए आगे आए हैं समाजसेवी जनप्रतिनिधि भी अपने अपने स्तर से गरीबों की मदद कर रहे हैं।
इसी तारतम्य में ग्राम पंचायत कोलमी द्वारा भी लोगो की मदद की जा रही है जिसकी सराहना पूरे आसपास क्षेत्र में की जा रही है गरीब और जरूरतमंदों को भोजन देना सबसे बड़ा कर्तव्य है जिसे बखूबी ग्राम पंचायत द्वारा निभाया जा रहा है इसी के साथ मास्क और डेटॉल साबुन का वितरण भी पंचायत द्वारा किया जा रहा है।
इस विपदा की घड़ी में सबसे कठिन समय उन गरीबों मजदूरों किसानों का है जो रोजाना अपना पसीना बहा कर अपने बच्चों परिवार का पालन करते हैं।
ऐसे में विगत 22 मार्च से देशभर में लॉक डाउन होने से सबसे ज्यादा मुसीबत में यही गरीब वर्ग है हालांकि इनकी पूरी जिम्मेदारी शासन प्रशासन पूरा करने का हर संभव प्रयास कर रही है वहीं आमजन सहित विभिन्न संस्थाएं धार्मिक संस्थाएं मंदिर मस्जिद गुरुद्वारे भी लोगों की मदद के लिए आगे आए हैं समाजसेवी जनप्रतिनिधि भी अपने अपने स्तर से गरीबों की मदद कर रहे हैं।
इसी तारतम्य में ग्राम पंचायत कोलमी द्वारा भी लोगो की मदद की जा रही है जिसकी सराहना पूरे आसपास क्षेत्र में की जा रही है गरीब और जरूरतमंदों को भोजन देना सबसे बड़ा कर्तव्य है जिसे बखूबी ग्राम पंचायत द्वारा निभाया जा रहा है इसी के साथ मास्क और डेटॉल साबुन का वितरण भी पंचायत द्वारा किया जा रहा है।



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