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झूठ और हताशा के सहारे सुर्खियां बटोर रही कांग्रेस, जनता देगी करारा जवाब- राज्य मंत्री दिलीप जायसवाल,तथ्यों के साथ सामने आई सच्चाई- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह से निराधार




 सिंचाई, चिकित्सा और औद्योगिक क्षेत्रों में रिकॉर्ड विकास से घबराई कांग्रेस रच रही है घृणित साजिश


इंट्रो :-मध्य प्रदेश की सियासत में कांग्रेस द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर लगाए गए आरोपों को लेकर कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने विपक्षी दल के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे कांग्रेस की हताशा और लगातार मिल रही हार से उपजी बौखलाहट का परिणाम बताया। मंत्री जायसवाल ने तथ्यों और दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ कांग्रेस के दावों की हवा निकालते हुए कहा कि यह सब केवल राहुल गांधी के सामने नंबर बढ़ाने और मीडिया में सुर्खियां बटोरने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश की समझदार जनता इस दुष्प्रचार को अच्छी तरह समझती है और आने वाले समय में कांग्रेस की इस मनगढ़ंत राजनीति का मुंहतोड़ जवाब देगी।


अनूपपुर :-राज्य मंत्री दिलीप जायसवाल ने एक विशेष बयान जारी कर विपक्ष के हर आरोप का बिंदुवार जवाब दिया और मुख्यमंत्री के बेदाग नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि चुनावी नामांकन से लेकर आज तक मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी के नाम दर्ज भूमि में एक इंच का भी बदलाव नहीं हुआ है। डॉ. यादव ने वर्ष 2017 में ही संबंधित कंपनी के निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया था, इसलिए उनके ऊपर लगाए जा रहे सभी आरोप राजनीति से प्रेरित और पूरी तरह निराधार हैं। इसके अलावा मास्टर प्लान लागू होने से पहले की सभी संपत्तियां हैं, जिससे कांग्रेस की झूठ और फरेब की राजनीति का पर्दाफाश हो चुका है।


 भूमि हेरफेर के आरोपों पर तथ्यों का करारा प्रहार


मंत्री दिलीप जायसवाल ने दस्तावेजी साक्ष्यों का हवाला देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की छवि धूमिल करने के लिए कांग्रेस झूठी कहानियां गढ़ रही है। वर्ष 2023 के चुनावी नामांकन में घोषित 17 एकड़ भूमि और उनकी पत्नी श्रीमती सीमा यादव के नाम दर्ज 12.29 एकड़ भूमि में आज तक कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। जिस कंपनी को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है, उसके निदेशक पद से डॉ. यादव वर्ष 2017 में ही इस्तीफा दे चुके हैं। सभी संपत्तियां वर्तमान मास्टर प्लान लागू होने से काफी पहले की हैं, और रिश्तेदारों के स्वतंत्र व्यवसाय से मुख्यमंत्री का कोई सीधा संबंध नहीं है।


 सिंचाई के रकबे में ऐतिहासिक वृद्धि से सहमी कांग्रेस


भाजपा सरकार के विकास कार्यों के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए राज्य मंत्री ने कांग्रेस के 50 साल के शासनकाल की तुलना की। उन्होंने बताया कि वर्ष 1956 से 2003 तक कांग्रेस के शासन में प्रदेश में मात्र 5.5 लाख हेक्टेयर भूमि ही सिंचित हो पाई थी। वहीं, भाजपा की शिवराज सरकार ने इसे बढ़ाकर 45 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाया, और वर्तमान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सफल कार्यकाल में यह बढ़कर 56 लाख हेक्टेयर हो गया है। सरकार का आगामी लक्ष्य वर्ष 2028 तक प्रदेश की 1 करोड़ (100 लाख) हेक्टेयर भूमि को सिंचित करने का है, जिससे कांग्रेस बुरी तरह घबरा गई है।


 स्वास्थ्य अवसंरचना में क्रांति और औद्योगिक निवेश की बहार


प्रदेश के स्वास्थ्य और औद्योगिक क्षेत्रों में हुए ऐतिहासिक बदलावों का जिक्र करते हुए दिलीप जायसवाल ने कहा कि कांग्रेस के समय राज्य में केवल 5 मेडिकल कॉलेज हुआ करते थे। भाजपा सरकार के निरंतर प्रयासों से यह संख्या पहले 20-22 हुई और आज डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में 30 से 32 मेडिकल कॉलेज सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। इसके साथ ही विभिन्न संभागों में 'इन्वेस्टर्स समिट' और भोपाल में 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट' (GIS) के माध्यम से देश-दुनिया के बड़े उद्योगपतियों को आकर्षित किया गया है। इन प्रयासों से मध्य प्रदेश की GDP लगातार मजबूत हो रही है और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।


 ओबीसी नेतृत्व से चिढ़ और व्यक्तिगत राजनीति की विफलता


अंत में मंत्री दिलीप जायसवाल ने कांग्रेस की मानसिकता पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी लगातार पिछड़े वर्ग (OBC) के नेताओं को आगे बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और तेज गति से जनता के हित में काम कर रहे हैं, जो कांग्रेस को पच नहीं रहा है। एक ओबीसी वर्ग के मुख्यमंत्री के सफल और लोकप्रिय नेतृत्व से ईर्ष्या के कारण ही कांग्रेस इस तरह की सुनियोजित और घृणित साजिशें रच रही है। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि लोकतंत्र में इस तरह की व्यक्तिगत और झूठी राजनीति कभी सफल नहीं हो सकती, और जनता इसका करारा जवाब देगी।

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